यूरोप की फर्जी नौकरी और अवैध भर्ती, शिकायत कहां करें
विदेश मंत्रालय के अनुसार अपंजीकृत एजेंट 2 से 5 लाख रुपये वसूल रहे हैं, जबकि कानूनी सीमा 30,000 रुपये और 18 प्रतिशत GST है। शिकायत MADAD पर दर्ज होती है।
विदेश मंत्रालय की सार्वजनिक सलाह में दर्ज है कि अपंजीकृत भर्ती एजेंट विदेश की नौकरी के नाम पर 2 से 5 लाख रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि कानूनी सीमा 30,000 रुपये और उस पर 18 प्रतिशत GST है। इसी सलाह में मंत्रालय ने शिकायत के तीन रास्ते दिए हैं: MADAD पोर्टल, Pravasi Bharatiya Sahayata Kendra का निशुल्क नंबर 1800 11 3090, और Protector General of Emigrants का कार्यालय।
मंत्रालय यह भी लिखता है कि बिना पंजीकरण के भर्ती करना Emigration Act 1983 का उल्लंघन है और इसे मानव तस्करी के समान माना जाता है, यानी यह दंडनीय अपराध है। सलाह में जिन गंतव्यों का नाम खास तौर पर लिया गया है उनमें पूर्वी यूरोप, खाड़ी, मध्य एशिया, Israel, Canada, Myanmar और Laos हैं। पूर्वी यूरोप का इस सूची में होना ही बताता है कि यह गलियारा अब ठगों के नक्शे पर है।
पहचान के वे संकेत जो भुगतान से पहले दिखते हैं
धोखे की भाषा हर बार लगभग एक जैसी होती है। नीचे दी गई तालिका में बाईं तरफ वह है जो प्रस्ताव में कहा जाता है और दाईं तरफ वह जो नियम कहता है।
| प्रस्ताव में जो कहा जाता है | नियम क्या कहता है |
|---|---|
| यूरोप के लिए Protector of Emigrants की मंजूरी दिलाएंगे | उत्प्रवासन मंजूरी केवल अधिसूचित ECR देशों के लिए ली जाती है, यूरोप के लिए नहीं |
| पूरी प्रक्रिया का 3 लाख रुपये | विदेश मंत्रालय की सलाह में सीमा 30,000 रुपये और 18 प्रतिशत GST है |
| भुगतान नकद, रसीद बाद में | रसीद उसी पंजीकृत नाम से मिलनी चाहिए जो Active RA List में दर्ज है |
| वीज़ा पहले, नौकरी बाद में ढूंढ लेना | सिंगल परमिट नामित नियोक्ता से बंधा होता है |
| बीमा का अलग से शुल्क | प्रवासी भारतीय बीमा योजना का प्रीमियम दो साल के लिए 275 रुपये है |
पहली पंक्ति सबसे उपयोगी है क्योंकि वह झूठ सत्यापन योग्य है। विदेश मंत्रालय के Emigration Abroad for Employment पृष्ठ पर दर्ज ECR देशों की सूची में कोई भी यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है। जो एजेंट यूरोप के लिए इस मंजूरी का शुल्क मांगे, वह एक ऐसी सेवा बेच रहा है जिसका अस्तित्व नहीं है। एजेंट की जांच का तरीका eMigrate पर पंजीकरण और भर्ती एजेंट की जांच में है।
अगर आप पहले ही यूरोप पहुंच चुके हैं
यहां एक बात जाननी ज़रूरी है जो अक्सर नहीं बताई जाती। अगर कोई कर्मचारी बिना वैध परमिट के काम करता पाया जाता है, तो यूरोपीय संघ का कानून सज़ा नियोक्ता पर रखता है और कर्मचारी को बकाया वेतन का अधिकार देता है। Directive 2009/52/EC के अनुच्छेद 6 के अनुसार नियोक्ता को बकाया पारिश्रमिक चुकाना होता है, और उसी अनुच्छेद में यह अनुमान दर्ज है कि रोज़गार संबंध कम से कम तीन महीने चला, जब तक नियोक्ता या कर्मचारी इसके विपरीत सिद्ध न करे।
मौसमी काम पर Directive 2014/36/EU का अनुच्छेद 25 शिकायत का रास्ता खोलता है, जिसमें कर्मचारी सीधे या किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से शिकायत कर सकता है, और शिकायत करने पर बर्खास्तगी से सुरक्षा भी दी गई है। नियोक्ता की तरफ यह जांच कैसे चलती है, यह काम के अधिकार की जांच में दर्ज है।
जो गलती शिकायत को कमज़ोर कर देती है
एक वास्तविक ढांचा। कर्मचारी 2,60,000 रुपये देता है, बातचीत केवल WhatsApp पर होती है, और प्रस्ताव पत्र में कंपनी का नाम है पर न पता है न पंजीकरण संख्या। वीज़ा नहीं आता। अब शिकायत में तीन कमज़ोरियां हैं: भुगतान का प्रमाण अधूरा है, एजेंट किसी और के RC नंबर की आड़ में था, और जिस कंपनी का नाम लिया गया वह गंतव्य देश के व्यापार रजिस्टर में मौजूद ही नहीं है।
इन तीनों को भुगतान से पहले पंद्रह मिनट में जांचा जा सकता है। एजेंट का नाम Active RA List में देखें, कंपनी का नाम उस देश के सार्वजनिक व्यापार रजिस्टर में देखें, और हर रुपया बैंक के रास्ते भेजें। शिकायत तभी मज़बूत होती है जब वह किसी पंजीकृत इकाई के विरुद्ध हो, क्योंकि उसी इकाई ने 50 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा की हुई है। शुल्क की कानूनी सीमा भर्ती एजेंट के सेवा शुल्क में दर्ज है, और नियोक्ता की तरफ की प्रक्रिया नियोक्ताओं के लिए पन्ने पर।
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