eMigrate पर पंजीकरण और भर्ती एजेंट की जांच, यूरोप जाने से पहले
विदेश मंत्रालय के eMigrate पोर्टल पर पंजीकृत भर्ती एजेंटों की सूची रोज़ बदलती है। Emigration Act 1983 की धारा 10, पांच साल का प्रमाणपत्र और 25,000 रुपये शुल्क।
भारत से यूरोप में नौकरी लेने जा रहे कर्मचारी का पहला काम एजेंट की जांच है। विदेश मंत्रालय का eMigrate पोर्टल पंजीकृत भर्ती एजेंटों की सूची रखता है और मंत्रालय के अनुसार यह सूची रोज़ अद्यतन होती है। Emigration Act 1983 की धारा 10 के तहत यह पंजीकरण अनिवार्य है और प्रमाणपत्र शुरू में पांच साल के लिए जारी होता है।
यह जांच पांच मिनट की है और इसे छोड़ देने की कीमत महीनों में चुकानी पड़ती है। विदेश मंत्रालय के अपने आंकड़ों के अनुसार 2014 से अब तक 52,07,747 लोग eMigrate पोर्टल का उपयोग कर चुके हैं और MADAD प्रणाली पर 1,04,569 शिकायतें निपटाई गई हैं। पोर्टल का नया संस्करण अक्तूबर 2024 में विदेश मंत्री द्वारा जारी किया गया था, जिसके बाद पंजीकरण और स्थिति देखना मोबाइल ऐप से भी संभव है।
एजेंट की जांच में क्या देखें
विदेश मंत्रालय के भर्ती एजेंट पृष्ठ के अनुसार पंजीकरण की अनुमति Protector General of Emigrants (PGE) देता है। आवेदन पहले क्षेत्रीय अधिकार के अनुसार Protector of Emigrants के पास जाता है, वहां प्रारंभिक जांच होती है, और फिर फाइल मंत्रालय तक पहुंचती है। एजेंट को 25,000 रुपये का पंजीकरण शुल्क देना होता है और 50 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होती है। यह गारंटी ही वह रकम है जिससे बात बिगड़ने पर कर्मचारी को हर्जाना दिलाया जा सकता है, इसलिए अपंजीकृत एजेंट के साथ जाने का असली नुकसान कागज़ी नहीं, आर्थिक है।
| जांच का बिंदु | विदेश मंत्रालय का नियम | कहां देखें |
|---|---|---|
| पंजीकरण की बाध्यता | Emigration Act 1983 की धारा 10 | emigrate.gov.in की Active RA List |
| प्रमाणपत्र की अवधि | शुरू में पांच साल | वही सूची, नाम और RC संख्या के साथ |
| पंजीकरण शुल्क | 25,000 रुपये | विदेश मंत्रालय का भर्ती एजेंट पृष्ठ |
| बैंक गारंटी | 50 लाख रुपये | विदेश मंत्रालय का भर्ती एजेंट पृष्ठ |
| सेवा शुल्क की ऊपरी सीमा | 30,000 रुपये और उस पर 18 प्रतिशत GST | विदेश मंत्रालय की सार्वजनिक सलाह |
सूची में नाम मिल जाना आधी जांच है। दूसरी आधी यह है कि जिस व्यक्ति से आप बात कर रहे हैं, वह उसी पंजीकृत कार्यालय का है या किसी और के RC नंबर के नीचे काम कर रहा एक उप एजेंट है। रसीद पर जो नाम छपा है और सूची में जो नाम दर्ज है, दोनों एक होने चाहिए। नेपाल के लिए यही तर्क लाइसेंसधारी भर्ती एजेंट की जांच में समझाया गया है, और भारत में भी परीक्षा वही है।
eMigrate किस काम का है और किस काम का नहीं
यहां एक गलतफहमी दूर करना ज़रूरी है। Emigration Act 1983 के तहत उत्प्रवासन मंजूरी केवल अधिसूचित ECR देशों के लिए ली जाती है। विदेश मंत्रालय के Emigration Abroad for Employment पृष्ठ पर इस समय 17 देश दर्ज हैं और उनमें एक भी यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है। इसलिए Croatia, Poland या Czechia की नौकरी के लिए Protector of Emigrants से कोई मंजूरी नहीं लेनी पड़ती, और जो एजेंट इसके नाम पर पैसे मांगे, वह एक ऐसी सेवा बेच रहा है जो मौजूद ही नहीं है।
इसके बावजूद पोर्टल यूरोप जाने वालों के लिए दो ठोस काम करता है। पहला, यह बताता है कि एजेंट का पंजीकरण आज की तारीख में जीवित है या समाप्त हो चुका है। दूसरा, यह शिकायत का रास्ता खोलता है। विदेश मंत्रालय की सलाह में Pravasi Bharatiya Sahayata Kendra का निशुल्क नंबर 1800 11 3090 और madad.gov.in दर्ज है, और यही वे रास्ते हैं जिन पर बाद में सुनवाई होती है। गंतव्य देश की तरफ की घड़ी अलग चलती है, और वह देश दर देश समयरेखा में दर्ज है।
जहां यह प्रक्रिया टूटती है
सबसे आम विफलता इस तरह दिखती है। कर्मचारी को एक Polish कंपनी का प्रस्ताव मिलता है, बात WhatsApp पर होती है, और 1,20,000 रुपये नकद दिए जाते हैं। रसीद किसी ट्रैवल एजेंसी के नाम की है, जबकि खुद को भर्ती एजेंट बताने वाला व्यक्ति किसी तीसरे शहर के RC नंबर का हवाला देता है। वीज़ा नहीं आता। अब शिकायत करते समय तीन नाम हैं और तीनों में से कोई भी वह पंजीकृत इकाई नहीं है जिसने 50 लाख रुपये की बैंक गारंटी दी हुई है। PGE के पास जिस इकाई के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती थी, कागज़ों में उसका इस सौदे से कोई संबंध ही नहीं है।
इसका बचाव प्रक्रिया में है, भरोसे में नहीं। भुगतान से पहले सूची में नाम और RC संख्या देख लें, रसीद उसी नाम से लें, और नौकरी का प्रस्ताव लिखित में मांगें। सेवा शुल्क की कानूनी सीमा और उसके बाहर जो वसूला जाता है, उसका ब्योरा भर्ती एजेंट के सेवा शुल्क में है। Werklist किस तरह नियोक्ता की तरफ से यह कड़ी बनाता है, यह नियोक्ताओं के लिए पन्ने पर दर्ज है।
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